सूनी रही दिवाली इस बार भी।

चरागों के.. रौशनी के.. l
आतिशों के मायने क्या थे।
तेरा दीदार ना हुवा इस बार भी.......
बड़ी सूनी रही दिवाली इस बार भी।

||°_23-12-2015_Wed_°||

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