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बुजुर्ग कहते है....

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दिसम्बर आ गया है जरा अपना ख्याल रखना..!! बुजुर्ग कहते है.... सर्दियों में अक्सर चोटें, ज्यादा दर्द देती है..!!

"इन्सान"

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सुखी होने के चक्कर मे... जो पुरी जिंन्दगी दु:खी होता है... उसी का नाम 'इन्सान' है।

For "You"

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लोग दीवाने है बनाबट के , हम सादगी लेकर कहा जाये ।।

Dedicated to ☆♡vini♡☆

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दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वहीं होता है जहाँ एक हल्की सी मुस्कराहट और छोटी सी माफ़ी से ज़िन्दगी दोबारा पहले जैसी हो जाती है...........

☆एक♡नारी☆

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~जब मैंने जन्म लिया, वहां “एक नारी” थी जिसने मुझे थाम लिया……. || मेरी माँ || ~बचपन में जैसे जैसे मैं बड़ा होता गया “एक नारी” वहां मेरा ध्यान रखने और मेरे साथ खेलने के लिए मौजूद थी…... || ...

Relate To Human's Life....

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" हुनर " सङको पर तमाशा करता है , और " किस्मत " महलो में राज करती है # Pankaj

Dedicated to ☆♡vini♡☆

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चैन से रहने का हमको यूं मशवरा मत दीजिये, अब मज़ा देने लगी हैं ज़िंदगी की मुश्किलें…!! # Pankaj

Dedicated to ☆♡vini♡☆

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हमने जो की थी, वो मोहब्बत आज भी है, तेरे ज़ुल्फो के सायें की चाहत आज भी है । रात कटती है आज भी ख़यालो मे तेरे, दीवानो सी वो मेरी हालत आज भी है । किसी और के तसवुर को उठती नही, बेईमा आँ...

हमें छोटे में मम्मी ने कहा था...।।

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हमें छोटे में मम्मी ने कहा था...।। भाग्य एक बार साथ देता ह.. परन्तु सुरक्षा*महेनत हमेशा... आज वो बात आज पता चल रही ह...

☆Pankaj♡Sohail☆

          ☆Pankaj♡Sohail☆          ☆अपनी ही कलम से पंकज झां☆                      नमस्कार दोस्तों...     आपसे किया वादा पूरा करने जा रहा हू।।  हाँ, सही तो कहा था।। पापा*मम्मी ने की अपने ही शहर के कॉलेज में दाखिला ले लो.. पर मै तो दूसरी सिटी यानी बाहर किसी अच्छे कॉलेज में दाखिला लेना चाहता था... हमारी सिटी के कॉलेज भी अच्छे ह। मेरा मतलब मेरा बचपन से शौक रहा की 12वी. के बाद सोचा था। अपनी आगे की सारी पढाई बाहर रह कर करेगे.. शायद मेरे हिसाब से आप लोगो का भी शौक रहा होगा . और अभी कइयो का ह... पर माँ*बाप अपनी औलाद के लिए कभी बुरा नही सोचते... तो मुझे भी लगा की चलिए बाहर होस्टल या रेन्ट से रूम लेकर अकेले रहना पड़ेगा... तो इससे अच्छा यही ह। कि अपने ही शहर के लगभग 15-20 कि.म़ी दूर कॉलेज में दाखिला ले लिया जाय... अभी तो हाल ही के 12वी. PCM 73% के साथ प्रथम क्षेणी पास करके आया था. दाखिला हो चूका था... आज कॉलेज का पहला दिन था। मु...

कहानी अनजानी सी !

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शीर्षक : " अनजान सा हमसफर " जब मै ऑफिस से लौट रहा था तो मैंने देखा लड़की के लगभग हाथ से छूट चुकी स्कूटी को सभालने की कोशिश कर रही है। देखिये मै भी मानता हू.। लड़का-लड़की एक समान होते ह। लेकिन अभी आपको एक लड़के की मदद ले लेनी चहिए... मै मुश्कारता हुआ लड़की के पीछे खड़ा था.. मेरी बात सुनकर लड़की भी मुश्करा पड़ी।। मैंने झट से स्कूटी उठाया और स्टैंड पर लगा दिया। मैंने कहा- कही जा रही थी क्या आप? आ रही थी कॉलेज से...? लड़की ने कहा... ओह्ह which year...? मैंने दोवारा पूछा? लड़की मुश्कराई और बोली--- all years... जबाब सुनते ही थोडा मै हैरान हुआ? कुछ पूछता इससे पहले.... लड़की बोल पड़ी- प्रोफेसर दीप्ति... डिग्री कॉलेज में पढ़ाती हू। चाय पीते हैना आप? वो अपने घर का दरवाजा खोलते हुए बोली? वैसे मेरा नाम आप नही है पंकज ह। और मैकेनिकल इंजिनियर को चाय के लिए कभी मना नहीं करते। हँसते हुए मैंने कहा? दरवाजा खुल चुका था। और मै दीप्ति के घर के अन्दर था। दीप्ति का घर किसी लाइब्रेरी से कम नही था चारों तरफ बिखरी किताबें और मेज पर पड़ी बुकमार्...

पूरा मोहल्ला बाहर...

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आज कल धूप भी खुबसूरत लड़कियों की तरह हो गयी... जब भी निकलती है... पूरा मोहल्ला बाहर...

आज हम बात करते है "सत्य" की....

#अपनी_ही_कलम_से_पंकज_झा ************************** * ************************** ********** ************************** ********** आज हम बात करते है "सत्य" की, ये सत्य क्या है ? इसका हमारे जीवन पे क्या प्रभाव पड़ता है और किस तरह से सत्य का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करके हम अपने जीवन में जल्द से जल्द सफल हो सकते है। सत्य वो है जो हमेशा हमारे आस-पास घटित होता है लेकिन केवल वो नहीं होता है जो हमें दिखाई देता है, कभी-कभी सत्य को देखने से ज्यादा उसको महसूस किया जाना जरूरी होता है,किसी ने सच ही कहा है कि"आपका भला चाहने वाला, आपसे अच्छी बुरी लगने वाली सब तरह की बातें करता है, पर आपको धोखा देने वाला आपसे केवल अच्छी लगने वाली बातें ही करता है"कहने का मतलब इस दुनिया में आधे से ज्यादा लोग सच को सामने ना लाकर अपने फायदे के लिए सिर्फ दिखावा करते है पर हमें उनके हाव-भाव, व्यवहार और बोल-चाल के ढंग से सच का पता लगाना पड़ता है क्योंकि कोई कितना भी बड़ा झूठ, भले कितनी भी सफाई से क्यों ना बोले लेकिन उससे थोड़ा तर्क वितर्क करके सच्चाई की तह तक लाया जा सकता है, सच ...

ज़िन्दगी का वो इकलौता सच

तुम मेरी ज़िन्दगी का वो इकलौता सच हो,   जिसके बारे में मैंने दुनिया के हर सख्श से झूठ कहा है.....

अपनी ही कलम से पंकज झां

जिंदगी में एक बात हमेशा याद रखना.... . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . कि प्लेटफोर्म पर पटरी की ओर झुक कर देखने से ट्रेन जल्दी नही आती है...

Specially Dedicated to "Yaad Sheher"

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बात पे बात पे अपनी ही बात कहता है मेरे अन्दर मेरा छोटा सा शहर रहता है "यादो के इन बाक्स पे क्या क्या चलता है देखो तो" प्यार किया है आपने, प्यार खोया है आपने, प्यार करना चाहके भी प्यार न जतापाने का अवशोष किया है आपने! प्यार का इंतजार किया है आपने प्यार का दर्द चखा है आपने कितने रंग हैना प्यार के! कितने चेहरे है इसके और हम सब ने कभी-न-कभी इनमे से एक चेहरा जरूर ओढा है, कभी-न-कभी हम कालेज कैन्टीन की किसी मेज पे किसी चेहरे के इंतजार मे बैठे है, कभी-न-कभी ग्रीटिँग कार्ड की दुकान मे घन्टे बिताये है वो कार्ड ढूड़ने मे जो अपने मन मे चल रही हजार बातो को एक लाईन मे कह सके! कभी-न-कभी आज भी मीठा अवशोष कर लेते हैना हम ! उस एक रिशते की याद मे चुनई जिया! उस चेहरे की याद मे जिससे अपने मन की बात नही कह पाये! कभी-न-कभी तकलीफ जी लेते है, हैना हम! कितने अलग-अलग मुखोटे पहन के ये वहरूपिया कब किस भेस मे हमारी देहलीज पर आयेगा! क्या पता? कभी हँसता, कभी मुशकराता, कभी रूठता, कभी मनाता, कभी गम देता, कभी गुदगुदाता! लेकिन जो भी हो जैसा भी हो अच्छा लगता है ये प्यार का वहरूपिया नये-नये किसे जो...

दिल्ली रेप केस की पीड़िता "दामिनी" के लिए

अपनी ही कलम से पंकज झां: दिल्ली रेप केस की पीड़िता "दामिनी" के लिए एक बहुत ही मार्मिक कविता अर्पण की हैं. ये कविता उस लड़की का दर्द बताते हुए आपसे भी कुछ कह रही है जरा पढिये -- माँ बहुत दर्द सह कर .... बहुत दर्द दे कर ... तुझे कुछ कह कर मैं ..... जा रही हूँ ..... आज मेरी विदाई में जब शखियाँ मिलने आएँगी .... सफ़ेद जोड़े में लिपटी देख सिसक सिसक मर जाएँगी ..... लड़की होने का फिर वो खुद पर अफ़सोस जताएंगी .... माँ तू उनसे इतना कह देना.... इस दरिंदो की दुनिया में संभल कर रहना ..... माँ राखी पर जब भाई की कलाई सुनी रह जाएँगी.... याद मुझे कर जब उसकी आँख भर आएँगी.... तिलक माथे पर करने को माँ रूह मेरी भी मचल जाएँगी ..... माँ तू भैया को रोने ना देना.... मैं साथ हूँ हर पल उससे तू कहना ...... माँ पापा भी चुप-चाप बहुत रोयेंगे .... मैं कुछ ना कर पाया ये कह कर खुद को कोसेंगे .... माँ दर्द उन्हें ये होने ना देना .... इल्ज़ाम कोई लेने ना देना .... वो अभिमान है मेरा सम्मान है मेरा.... तू उनसे बस इतना ही कहना ..... माँ तेरे लिए अब मैं क्या कहूँ.... दर्द को तेर...