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हमें छोटे में मम्मी ने कहा था...।।

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हमें छोटे में मम्मी ने कहा था...।। भाग्य एक बार साथ देता ह.. परन्तु सुरक्षा*महेनत हमेशा... आज वो बात आज पता चल रही ह...

ज़िन्दगी में एक बात हमेशा याद रखना....

ज़िन्दगी में एक बात हमेशा याद रखना.... ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ›››››गाड़ी चलाते समय दिमाग और शीशा साफ़ रखे.

☆Pankaj♡Sohail☆

          ☆Pankaj♡Sohail☆          ☆अपनी ही कलम से पंकज झां☆                      नमस्कार दोस्तों...     आपसे किया वादा पूरा करने जा रहा हू।।  हाँ, सही तो कहा था।। पापा*मम्मी ने की अपने ही शहर के कॉलेज में दाखिला ले लो.. पर मै तो दूसरी सिटी यानी बाहर किसी अच्छे कॉलेज में दाखिला लेना चाहता था... हमारी सिटी के कॉलेज भी अच्छे ह। मेरा मतलब मेरा बचपन से शौक रहा की 12वी. के बाद सोचा था। अपनी आगे की सारी पढाई बाहर रह कर करेगे.. शायद मेरे हिसाब से आप लोगो का भी शौक रहा होगा . और अभी कइयो का ह... पर माँ*बाप अपनी औलाद के लिए कभी बुरा नही सोचते... तो मुझे भी लगा की चलिए बाहर होस्टल या रेन्ट से रूम लेकर अकेले रहना पड़ेगा... तो इससे अच्छा यही ह। कि अपने ही शहर के लगभग 15-20 कि.म़ी दूर कॉलेज में दाखिला ले लिया जाय... अभी तो हाल ही के 12वी. PCM 73% के साथ प्रथम क्षेणी पास करके आया था. दाखिला हो चूका था... आज कॉलेज का पहला दिन था। मु...

बात तो सिर्फ जज़्बातों की है वरना, मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती..!

" जल " गया धू - धू करके रावण भी कल रात... शायद उसने भी उसे मेरे साथ देख लिया... । । । बात तो सिर्फ जज़्बातों की है वरना, मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती..! । । । "माना की बहुत कीमती है वक्त तेरा मगर ऐ दोस्त हम भी "नवाब" है बार-बार नही मिलेगे..!! । । । कितना नादान है ये दिल,कैसे समझाऊँ की जिसे तू खोना नही चाहता हैं वो तेरा होना नही चाहता.... । । । तू मुझे अपना बना या ना बना तेरी मर्जी...! तू जमाने में 'बदनाम' तो मेरे नाम से है...!! । । । अजीब तमाशा है मिट्टी के बने लोगों का यारो, बेवफ़ाई करो तो रोते है और वफ़ा करो तो रुलाते है… । । । जब लगा था "तीर" तब इतना दर्द न हुआ... "दोस्त" जख्म का एहसास तब हुआ जब "कमान" देखी अपनों के हाथो में..!! । । । आखिर थक हार के लौट आया मैं...बाज़ार से...! जब तेरी यादों को बंद करने के ताले नही मिले...!! । । । बदनामी का डर तो उसे होता है...जिसमे नाम कमाने की हिम्मत नही होती... ये अब शायद किसी का न हो पाय... जिसका होना था..उसने निभाया ही ये ...

कहानी अनजानी सी !

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शीर्षक : " अनजान सा हमसफर " जब मै ऑफिस से लौट रहा था तो मैंने देखा लड़की के लगभग हाथ से छूट चुकी स्कूटी को सभालने की कोशिश कर रही है। देखिये मै भी मानता हू.। लड़का-लड़की एक समान होते ह। लेकिन अभी आपको एक लड़के की मदद ले लेनी चहिए... मै मुश्कारता हुआ लड़की के पीछे खड़ा था.. मेरी बात सुनकर लड़की भी मुश्करा पड़ी।। मैंने झट से स्कूटी उठाया और स्टैंड पर लगा दिया। मैंने कहा- कही जा रही थी क्या आप? आ रही थी कॉलेज से...? लड़की ने कहा... ओह्ह which year...? मैंने दोवारा पूछा? लड़की मुश्कराई और बोली--- all years... जबाब सुनते ही थोडा मै हैरान हुआ? कुछ पूछता इससे पहले.... लड़की बोल पड़ी- प्रोफेसर दीप्ति... डिग्री कॉलेज में पढ़ाती हू। चाय पीते हैना आप? वो अपने घर का दरवाजा खोलते हुए बोली? वैसे मेरा नाम आप नही है पंकज ह। और मैकेनिकल इंजिनियर को चाय के लिए कभी मना नहीं करते। हँसते हुए मैंने कहा? दरवाजा खुल चुका था। और मै दीप्ति के घर के अन्दर था। दीप्ति का घर किसी लाइब्रेरी से कम नही था चारों तरफ बिखरी किताबें और मेज पर पड़ी बुकमार्...

पूरा मोहल्ला बाहर...

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आज कल धूप भी खुबसूरत लड़कियों की तरह हो गयी... जब भी निकलती है... पूरा मोहल्ला बाहर...

आज हम बात करते है "सत्य" की....

#अपनी_ही_कलम_से_पंकज_झा ************************** * ************************** ********** ************************** ********** आज हम बात करते है "सत्य" की, ये सत्य क्या है ? इसका हमारे जीवन पे क्या प्रभाव पड़ता है और किस तरह से सत्य का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करके हम अपने जीवन में जल्द से जल्द सफल हो सकते है। सत्य वो है जो हमेशा हमारे आस-पास घटित होता है लेकिन केवल वो नहीं होता है जो हमें दिखाई देता है, कभी-कभी सत्य को देखने से ज्यादा उसको महसूस किया जाना जरूरी होता है,किसी ने सच ही कहा है कि"आपका भला चाहने वाला, आपसे अच्छी बुरी लगने वाली सब तरह की बातें करता है, पर आपको धोखा देने वाला आपसे केवल अच्छी लगने वाली बातें ही करता है"कहने का मतलब इस दुनिया में आधे से ज्यादा लोग सच को सामने ना लाकर अपने फायदे के लिए सिर्फ दिखावा करते है पर हमें उनके हाव-भाव, व्यवहार और बोल-चाल के ढंग से सच का पता लगाना पड़ता है क्योंकि कोई कितना भी बड़ा झूठ, भले कितनी भी सफाई से क्यों ना बोले लेकिन उससे थोड़ा तर्क वितर्क करके सच्चाई की तह तक लाया जा सकता है, सच ...