Posts

Specially Dedicated to "Yaad Sheher"

Image
बात पे बात पे अपनी ही बात कहता है मेरे अन्दर मेरा छोटा सा शहर रहता है "यादो के इन बाक्स पे क्या क्या चलता है देखो तो" प्यार किया है आपने, प्यार खोया है आपने, प्यार करना चाहके भी प्यार न जतापाने का अवशोष किया है आपने! प्यार का इंतजार किया है आपने प्यार का दर्द चखा है आपने कितने रंग हैना प्यार के! कितने चेहरे है इसके और हम सब ने कभी-न-कभी इनमे से एक चेहरा जरूर ओढा है, कभी-न-कभी हम कालेज कैन्टीन की किसी मेज पे किसी चेहरे के इंतजार मे बैठे है, कभी-न-कभी ग्रीटिँग कार्ड की दुकान मे घन्टे बिताये है वो कार्ड ढूड़ने मे जो अपने मन मे चल रही हजार बातो को एक लाईन मे कह सके! कभी-न-कभी आज भी मीठा अवशोष कर लेते हैना हम ! उस एक रिशते की याद मे चुनई जिया! उस चेहरे की याद मे जिससे अपने मन की बात नही कह पाये! कभी-न-कभी तकलीफ जी लेते है, हैना हम! कितने अलग-अलग मुखोटे पहन के ये वहरूपिया कब किस भेस मे हमारी देहलीज पर आयेगा! क्या पता? कभी हँसता, कभी मुशकराता, कभी रूठता, कभी मनाता, कभी गम देता, कभी गुदगुदाता! लेकिन जो भी हो जैसा भी हो अच्छा लगता है ये प्यार का वहरूपिया नये-नये किसे जो...

दिल्ली रेप केस की पीड़िता "दामिनी" के लिए

अपनी ही कलम से पंकज झां: दिल्ली रेप केस की पीड़िता "दामिनी" के लिए एक बहुत ही मार्मिक कविता अर्पण की हैं. ये कविता उस लड़की का दर्द बताते हुए आपसे भी कुछ कह रही है जरा पढिये -- माँ बहुत दर्द सह कर .... बहुत दर्द दे कर ... तुझे कुछ कह कर मैं ..... जा रही हूँ ..... आज मेरी विदाई में जब शखियाँ मिलने आएँगी .... सफ़ेद जोड़े में लिपटी देख सिसक सिसक मर जाएँगी ..... लड़की होने का फिर वो खुद पर अफ़सोस जताएंगी .... माँ तू उनसे इतना कह देना.... इस दरिंदो की दुनिया में संभल कर रहना ..... माँ राखी पर जब भाई की कलाई सुनी रह जाएँगी.... याद मुझे कर जब उसकी आँख भर आएँगी.... तिलक माथे पर करने को माँ रूह मेरी भी मचल जाएँगी ..... माँ तू भैया को रोने ना देना.... मैं साथ हूँ हर पल उससे तू कहना ...... माँ पापा भी चुप-चाप बहुत रोयेंगे .... मैं कुछ ना कर पाया ये कह कर खुद को कोसेंगे .... माँ दर्द उन्हें ये होने ना देना .... इल्ज़ाम कोई लेने ना देना .... वो अभिमान है मेरा सम्मान है मेरा.... तू उनसे बस इतना ही कहना ..... माँ तेरे लिए अब मैं क्या कहूँ.... दर्द को तेर...